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उत्तराखंड-ख़बरें : पिथौरागढ़ में 11वीं के छात्र ने वीडियो बनाकर की खुदकुशी; बद्रीनाथ धाम चढ़ावा चोरी मामले में 32 दिन की गायब फुटेज रिकवर; उत्तराखंड में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त

सारांश 
पिथौरागढ़ जिले के गणाई गंगोली क्षेत्र में 11वीं कक्षा के छात्र अनुज नैनवाल ने फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया, घटना से पहले उसने 36 सेकंड का एक भावुक वीडियो भी रिकॉर्ड किया था। उधर, बद्रीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी प्रकरण की जांच कर रही एसआईटी ने 32 दिनों की गायब फुटेज रिकवर कर ली है, जिसका तीन साल के खजाना रिकॉर्ड से मिलान किया जाएगा और दान की सार्वजनिक घोषणा वाली पुरानी परंपरा को पुनः शुरू करने की मांग उठ रही है। वहीं, उत्तराखंड में लगातार बारिश के चलते सड़कें धंसने और भूस्खलन से चारधाम यात्रा रोक दी गई है, जबकि आकाशीय बिजली की चपेट में आने और नदी में बहने से हादसे दर्ज किए गए हैं।

1. पिथौरागढ़: 11वीं के छात्र ने फांसी लगाकर की खुदकुशी, फंदे पर झूलने से पहले बनाया भावुक वीडियो

तल्ली नायल गांव में सुबह मिला छात्र का शव

पिथौरागढ़ जिले के अंतर्गत आने वाली गणाई गंगोली तहसील के तल्ली नायल गांव में रविवार सुबह एक दुखद घटना सामने आई। यहां के निवासी 17 वर्षीय अनुज नैनवाल का शव उनके अपने कमरे में फंदे से लटका हुआ बरामद किया गया। अनुज राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी) नायल में 11वीं कक्षा का छात्र था। रविवार सुबह परिजनों ने जब कमरे में शव देखा तो परिवार में कोहराम मच गया। घटना की सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर बेरीनाग अस्पताल में पोस्टमॉर्टम कराया, जिसके बाद परिजनों की उपस्थिति में शेराघाट संगम पर उसका अंतिम संस्कार किया गया।

सुसाइड से ठीक पहले रिकॉर्ड किया 36 सेकंड का वीडियो

फंदे पर झूलने से पहले छात्र अनुज ने अपने मोबाइल फोन से 36 सेकंड का एक वीडियो रिकॉर्ड किया था। वीडियो में वह रोते हुए अपने परिजनों (अम्मा, बुबू, पापा और ददा) से माफी मांगता दिख रहा है। उसने वीडियो में कहा कि वह एक ही बात पर लगातार सोचते-सोचते अटक जाता है और खुद को अजीब बताते हुए बेहद तनाव में दिख रहा था। वीडियो के अवलोकन से स्पष्ट हो रहा है कि वह काफी समय से किसी बात को लेकर गहरे मानसिक तनाव और ओवरथिंकिंग की समस्या से जूझ रहा था।

पुलिस कर रही हर एंगल से जांच

अनुज दो भाइयों में छोटा था, और उसका बड़ा भाई अल्मोड़ा में पढ़ाई करता है। अनुज की मां का पूर्व में ही निधन हो चुका है। वह किस विशेष कारण से परेशान था, इसका अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। पुलिस अधिकारियों ने छात्र का मोबाइल फोन कब्जे में ले लिया है और मामले की हर संभावित पहलू से तफ्तीश की जा रही है।

2. बद्रीनाथ चढ़ावा मामला: एसआईटी ने रिकवर की 32 दिनों की गायब सीसीटीवी फुटेज, खजाना रिकॉर्ड से होगा मिलान

चोरी प्रकरण की जांच में एसआईटी को मिली बड़ी सफलता

बद्रीनाथ धाम में दान-चढ़ावे में हुई कथित गड़बड़ी की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने पहले गायब हुई 32 दिनों की सीसीटीवी फुटेज को सफलता पूर्वक रिकवर कर लिया है। एसआईटी ने बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) से भगवान बदरी विशाल के खजाने का पिछले तीन वर्षों का रिकॉर्ड अपने कब्जे में ले लिया है। अब जांच एजेंसी रिकवर हुई फुटेज का तीन साल के खजाना रिकॉर्ड के साथ क्रॉस वेरिफिकेशन कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि दान राशि में किस स्तर पर और कब-कब अनियमितता की गई।

नोटों के बंडल ले जाते दिखे थे कर्मचारी, सुरक्षा नियम सख्त

मामले की पूर्व जांच के दौरान 13 दिनों की फुटेज में कुछ कर्मचारी नोटों के बंडल इधर-उधर ले जाते देखे गए थे। मामले में पूर्व व्यवस्थापक सहायक प्रमोद नौटियाल और एक सेवानिवृत्त अधिकारी की गिरफ्तारी पहले ही की जा चुकी है। इधर घटनाक्रम के बाद बीकेटीसी ने केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में चढ़ावा गणना प्रक्रिया के नियम कड़े कर दिए हैं। अब गणना कक्ष में कर्मचारियों को बिना जेब और बिना मोबाइल फोन के प्रवेश दिया जाएगा। साथ ही, गिनती प्रक्रिया में कम से कम पांच वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी अनिवार्य की गई है तथा गणना स्थल पर हाईटेक सीसीटीवी लगाने की व्यवस्था की जा रही है।

2021 से बंद सार्वजनिक हिसाब की परंपरा दोबारा शुरू करने की मांग

इस विवाद के बीच वर्ष 2021 से बंद भगवान बदरी विशाल के समक्ष नकद दान, सोना, चांदी व अन्य चढ़ावे का सार्वजनिक लेखा-पाठ (हिसाब पढ़कर सुनाने) करने की परंपरा को पुनः शुरू करने की मांग तेज हो गई है। यह व्यवस्था 2012 में तत्कालीन सीईओ बीडी सिंह द्वारा शुरू की गई थी, जिसमें श्रद्धालुओं और स्थानीय पंडा पंचायत के सामने पूरा विवरण पढ़ा जाता था। 2021 में उनके सेवानिवृत्त होने के बाद यह परंपरा बंद हो गई थी, जिसे अब पारदर्शिता के लिए दोबारा लागू करने का दबाव बन रहा है।

3. उत्तराखंड: भारी बारिश से मसूरी रोड धंसी और नदियां उफान पर, एहतियातन चारधाम यात्रा रोकी गई; मौसम विभाग का अलर्ट

बारिश से सड़कें बनीं नदियां, राज्यभर में जनजीवन प्रभावित

उत्तराखंड में लगातार रुक-रुककर हो रही मूसलाधार बारिश से हालात विकट हो गए हैं। देहरादून के आईटी पार्क क्षेत्र समेत कई इलाकों में सड़कों पर जलभराव से यातायात ठप हो गया। देहरादून-मसूरी मार्ग पर सड़क का एक बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त होने से स्टेट हाईवे बंद हो गया, जिससे सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। लगातार भूस्खलन और मार्ग बाधित होने के कारण एहतियात के तौर पर चारधाम यात्रा को फिलहाल रोक दिया गया है। गढ़वाल कमिश्नर ने यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर ठहराने के निर्देश जारी किए हैं।

प्राकृतिक हादसों में मौत और बहने की घटनाएं

बारिश के बीच पिथौरागढ़ जिले की धारचूला तहसील के कोथिला तोक में जंगल में बकरी चरा रहे 55 वर्षीय दीवान सिंह की आकाशीय बिजली गिरने से मौके पर ही मौत हो गई। वहीं बागेश्वर जिले के कपकोट स्थित शिवालय मंदिर के पास सरयू नदी में 8 वर्षीय बच्चा (राकेश) बह गया, जिसकी तलाश में एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और पुलिस की टीमें सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। इसके अतिरिक्त चंपावत के टनकपुर में एक कार के खाई में गिरने से चार लोग घायल हुए हैं।

मौसम विभाग का अलर्ट और शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश

मौसम विभाग ने देहरादून, टिहरी और हरिद्वार जिलों के लिए रेड अलर्ट, जबकि नैनीताल, चंपावत, ऊधम सिंह नगर, उत्तरकाशी और पौड़ी में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। खराब मौसम और हादसों की आशंका के चलते राज्य प्रशासन ने सभी 13 जिलों के स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित कर दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी जिला अधिकारियों को राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने और संवेदनशील इलाकों पर लगातार निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।

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