सारांश
फतेहपुर में आयोजित जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नकल माफिया और अपराधियों पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के लिए केवल जेल या जहन्नुम की जगह है। उन्होंने फतेहपुर और जालौन में कुल 1760.96 करोड़ रुपये से अधिक की विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।
कानून व्यवस्था और नकल माफिया पर सख्त रुख
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फतेहपुर में 487 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास के अवसर पर जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार नकल माफिया के खिलाफ सख्त कानून ला रही है। इसमें दोषियों को 10 साल तक की सजा और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराधियों और माफियाओं की अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। सीएम ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और सपा के शासनकाल में नकल माफिया को संरक्षण मिलता था, जबकि वर्तमान सरकार में नीट पेपर लीक जैसी घटना सामने आने पर तुरंत आरोपियों की गिरफ्तारी और संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की गई। इसके अतिरिक्त, उन्होंने लखनऊ में भाजपा कार्यालय की जमीन पर सपा के पूर्व विधायक द्वारा किए गए कब्जे को बुलडोजर से खाली कराए जाने का भी उल्लेख किया।
फतेहपुर और बुंदेलखंड की विकास यात्रा
फतेहपुर में सड़क चौड़ीकरण, पुलिस लाइन व पीएसी बैरक निर्माण, राजकीय आईटीआई के उन्नयन, आयुष अस्पताल और पेयजल योजनाओं की सौगात देने के बाद सीएम ने जालौन में 1273.96 करोड़ रुपये की 324 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले फतेहपुर पिछड़े जिलों में गिना जाता था और भ्रष्टाचार के कारण विकास का पैसा सिंडिकेट की भेंट चढ़ जाता था। अब फतेहपुर में अमर शहीद जोधा सिंह अटैया और ठाकुर दरियाव सिंह के नाम पर मेडिकल कॉलेज संचालित है। उन्होंने बताया कि 2012 से 2017 के बीच भर्ती प्रक्रियाएं विवादों में रहती थीं, जबकि बीते 9 वर्षों में 9 लाख से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां दी गई हैं। वहीं बुंदेलखंड के संदर्भ में उन्होंने कहा कि जो क्षेत्र कभी सूखे, डकैतों के आतंक और पलायन के लिए जाना जाता था, वह अब बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, फोर-लेन सड़कों और बेहतर कनेक्टिविटी के साथ विकास का केंद्र बन चुका है।