सारांश
देहरादून सचिवालय में शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में 10 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई है। फैसलों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2027-28 से मदरसा बोर्ड का अलग बजट बंद कर दिया जाएगा, जबकि राफ्टिंग-कयाकिंग के नियमों को और सख्त करने की मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही भूमि हस्तांतरण, कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग का लाभ देने और रोजगार के लिए नए पदों के सृजन जैसे कई बड़े फैसले लिए गए हैं।
धामी कैबिनेट के बड़े फैसले और मुख्य बदलाव
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में एक महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक संपन्न हुई। बैठक के बाद मुख्यमंत्री के अपर सचिव बंशीधर तिवारी ने लिए गए निर्णयों की विस्तृत जानकारी साझा की। कैबिनेट ने बजटीय पुनर्संरचना और संसाधनों के बेहतर उपयोग की नीति के तहत एक बड़ा कदम उठाते हुए वित्तीय वर्ष 2027-28 से उत्तराखंड मदरसा बोर्ड के लिए अलग से बजटीय प्रावधान (बजट मद) को समाप्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसे इस बैठक के सबसे अहम निर्णयों में से एक माना जा रहा है।
इसके अतिरिक्त, राज्य में तेजी से बढ़ रहे एडवेंचर टूरिज्म को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से 'उत्तराखंड रिवर राफ्टिंग/कयाकिंग संशोधन नियमावली-2026' को भी हरी झंडी दे दी गई है। इस नई नियमावली के माध्यम से सुरक्षा मानकों, प्रशिक्षित गाइडों की उपलब्धता, लाइफ सेविंग उपकरणों की व्यवस्था और संचालन की निगरानी की जिम्मेदारियों को और अधिक स्पष्ट किया जाएगा ताकि पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
भूमि हस्तांतरण, शिक्षा और मिड-डे मील योजना
सचिवालय में हुई इस बैठक में शैक्षणिक और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार को लेकर भी अहम भूमि प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। पिथौरागढ़ में स्थित 'नन्ही परी संस्थान' के विस्तार के लिए तीन हेक्टेयर सरकारी भूमि उपलब्ध कराने की स्वीकृति दी गई है, जिससे बालिकाओं और जरूरतमंद बच्चों को बेहतर शिक्षा व सुविधाएं मिल सकेंगी। इसके साथ ही, उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से संबद्ध इंजीनियरिंग कॉलेज के विकास हेतु 14.857 हेक्टेयर भूमि तकनीकी शिक्षा विभाग के नाम हस्तांतरित करने का निर्णय लिया गया है।
दूसरी तरफ, बच्चों के पोषण स्तर और स्कूलों में उपस्थिति में सुधार लाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री पोषण (मिड-डे मील) योजना के तहत श्रीनगर क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में अब अक्षय पात्र फाउंडेशन के माध्यम से कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को पका-पकाया भोजन वितरित किया जाएगा, जिससे भोजन की स्वच्छता और समय पर वितरण सुनिश्चित हो सके।
कर्मचारियों को तोहफा, पदोन्नति नियम और नए पदों का सृजन
कैबिनेट बैठक में राज्य के कर्मचारियों को भी बड़ी राहत दी गई है। उत्तराखंड राज्य भंडारण निगम के 68 नियमित कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांग को पूरा करते हुए उन्हें सातवें वेतन आयोग का लाभ देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है, जिससे उनके वेतन और भत्तों में वृद्धि होगी। वित्त विभाग के अंतर्गत लेखाकार और अन्य संबंधित पदों की नियमावली में संशोधन कर अब ज्येष्ठता (सीनियरिटी) के आधार पर पदोन्नति देने का प्रावधान किया गया है, ताकि प्रक्रिया पारदर्शी हो और विसंगतियां दूर हों।
वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के लिए ऑडिट प्रकोष्ठ का पुनर्गठन करते हुए दो पदों में परिवर्तन और दो नए पदों का सृजन किया जाएगा। इसके साथ ही, वर्ष 2027 में होने वाले महाकुंभ की तैयारियों और वित्तीय खर्च की प्रभावी निगरानी के लिए वरिष्ठ लेखा अधिकारी और अधिशासी अभियंता के एक-एक नए पद को सृजित करने की मंजूरी दी गई है। युवाओं को विदेशी रोजगार में मदद देने के लिए सहसपुर स्थित विदेश रोजगार प्रकोष्ठ को मजबूत करते हुए सात नए पद स्वीकृत किए गए हैं और विभिन्न विभागों में समन्वय के लिए एक प्रोजेक्ट Management Unit (PMU) का गठन किया जाएगा।
भूमि अधिकारों पर समिति का गठन और बैठक का घटनाक्रम
बापूग्राम, बिन्दुखत्ता और 54 बग्गा क्षेत्रों के हजारों परिवारों की स्थायी भूमि अधिकारों की लंबित मांग पर भी कैबिनेट ने कदम आगे बढ़ाया है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक विशेष समिति गठित की जाएगी जो इन क्षेत्रों की स्थिति का अध्ययन कर प्रस्ताव तैयार करेगी, जिसे बाद में केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।
यह कैबिनेट बैठक पहले शुक्रवार सुबह 9 बजे आयोजित होनी थी, लेकिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिल्ली दौरे के कारण इसका समय बदलकर शाम 4:25 बजे किया गया, जिसके बाद सचिवालय में बैठक शुरू हुई। हालांकि, बैठक से पहले नई खेल नीति, शिक्षकों की तबादला नीति, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पॉलिसी और आपदा प्रबंधन से जुड़े बड़े फैसलों पर चर्चाओं का बाजार गर्म था, लेकिन शुक्रवार की इस बैठक में इन प्रस्तावों पर मंजूरी नहीं मिल सकी और इन पर अगली कैबिनेट बैठक में निर्णय लिए जाने की संभावना है।