सारांश
नई दिल्ली में 29 जुलाई 2026, बुधवार को संसद में दो महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए गए। लोकसभा में विपक्ष के हंगामे के बीच 'लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' पास हुआ, जिसमें पेपर लीक के मामलों में अधिकतम 10 साल की सजा और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। वहीं, राज्यसभा में 'राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण संशोधन विधेयक (2026)' पास हुआ, जिसके तहत राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' के अपमान पर 3 साल तक की जेल या जुर्माने का नियम तय किया गया है।
संसद के दोनों सदनों में बड़े विधेयकों को मिली मंजूरी
संसद सत्र के दौरान 29 जुलाई 2026, बुधवार को विधायी कार्यों के तहत महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई। विपक्ष के भारी हंगामे और नारेबाजी के बीच लोकसभा में पेपर लीक की रोकथाम से जुड़ा ऐतिहासिक संशोधन विधेयक ध्वनि मत से पारित कर दिया गया। इसी क्रम में राज्यसभा ने भी अपनी कार्रवाई के दौरान राष्ट्रगीत के सम्मान से संबंधित संशोधित विधेयक को मंजूरी दे दी। दोनों विधेयकों के पास होने के पश्चात लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही को गुरुवार, 30 जुलाई सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
पेपर लीक पर कसता कानूनी शिकंजा: 10 साल की जेल और 10 करोड़ जुर्माना
लोकसभा में पारित हुए 'लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' के जरिए प्रतियोगी परीक्षाओं में होने वाली धांधली पर लगाम लगाने के लिए सख्त कानूनी प्रावधान किए गए हैं। इस नए संशोधन बिल के अनुसार, पेपर लीक से जुड़े अपराधों में शामिल दोषियों के लिए सजा की अवधि बढ़ाकर अधिकतम 10 साल तक की जेल और 10 करोड़ रुपये तक के भारी आर्थिक जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
9 घंटे की बहस और विपक्ष का कड़ा हंगामा
लोकसभा में इस महत्वपूर्ण विधेयक को पारित किए जाने से पहले व्यापक चर्चा देखने को मिली। बिल पर मंगलवार को लगभग 9 घंटे तक विस्तृत चर्चा हुई थी। इसके उपरांत बुधवार को विपक्ष की ओर से राहुल गांधी ने बिल पर 50 मिनट तक अपनी बात रखी। हालांकि, सदन में विपक्ष के लगातार जारी हंगामे के बीच ही अंततः इस संशोधन बिल को ध्वनि मत से पास करा लिया गया।
राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' को मिला जन-गण-मन जैसा कानूनी संरक्षण
राज्यसभा में पारित हुए 'राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण संशोधन विधेयक (2026)' के माध्यम से 1971 के मूल अधिनियम में संशोधन का प्रावधान किया गया है। इस नए कानून के तहत अब राष्ट्रगान 'जन-गण-मन' की तर्ज पर राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' को भी पूर्ण कानूनी संरक्षण प्रदान किया जाएगा। नए संशोधनों के लागू होने के बाद वंदे मातरम् का अपमान करना, अनादर करना या इसके गायन में किसी भी प्रकार की बाधा डालना अब कानूनी रूप से दंडनीय अपराध होगा।
वंदे मातरम् के अनादर पर 3 साल तक की जेल का प्रावधान
संसद द्वारा स्वीकृत नए प्रावधानों के तहत राष्ट्रगीत के प्रति अनादर दर्शाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है। कानून के अनुसार, वंदे मातरम् के अपमान का दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति को 3 साल तक की जेल की सजा, जुर्माना अथवा दोनों से दंडित किए जाने का स्पष्ट नियम तय किया गया है।