भारत में टेलीग्राम पर 22 जून तक अस्थाई प्रतिबंध, NEET री-एग्जाम के लिए सरकार ने उठाया बड़ा कदम #887 *GW*

समाचार संक्षेप

नई दिल्ली में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने टेलीग्राम को 22 जून 2026 तक अस्थाई रूप से प्रतिबंधित कर दिया है। एनटीए के अनुसार, नीट (UG) री-एग्जाम के मद्देनजर पेपर लीक के फर्जी सबूत बनाने से रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। इसके साथ ही टेलीग्राम का मैसेज एडिट फीचर भी 30 जून तक बंद रहेगा। टेलीग्राम के मैसेज एडिट फीचर का दुरुपयोग राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में पेपर लीक के फर्जी सबूत बनाने के लिए किया जा रहा था। हालांकि इस बैन से कई सरकारी अपडेट्स और शिक्षण चैनल भी प्रभावित हो रहे हैं।


नीट परीक्षा से पहले टेलीग्राम पर लगा अस्थाई प्रतिबंध

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69A के तहत भारत में टेलीग्राम के उपयोग पर अस्थाई प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया है। यह प्रतिबंध 21 जून को होने वाली नीट (UG) 2026 की पुनरीक्षा (री-एग्जाम) और उसके बाद की अवधि को शामिल करते हुए 22 जून 2026 तक प्रभावी रहेगा। इसके अतिरिक्त, टेलीग्राम को निर्देश दिया गया है कि वह भारत में 30 जून 2026 तक पहले से भेजे गए संदेशों को एडिट करने की सुविधा को भी अक्षम (डिसेबल) रखे।

मैसेज एडिट फीचर का दुरुपयोग और फर्जी पेपर लीक का दावा

एनटीए के दावों के अनुसार, कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा टेलीग्राम के मैसेज एडिट फीचर का दुरुपयोग राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में पेपर लीक के फर्जी सबूत बनाने के लिए किया जा रहा था। कथित तौर पर लोग पुराने संदेशों को संपादित करके उनमें प्रश्न पत्र या पीडीएफ जोड़ देते थे और बाद में यह झूठा दावा करते थे कि परीक्षा से पहले ही पेपर लीक हो गया था। परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने और ऐसे भ्रामक मामलों को रोकने के लिए ही इस प्रतिबंध को अंतिम विकल्प के रूप में लागू किया गया है। इससे पहले आपत्तिजनक सामग्री को हटाने सहित कई अन्य कदम भी उठाए गए थे।


टेलीग्राम पर सक्रिय माफिया और साइबर विंग की कार्रवाई

जांच में सामने आया है कि टेलीग्राम पर "Paper Leaked NEET", "Re-NEET 2026", "Private Mafia" और "REE NEET MAFIAA" जैसे नामों से कई चैनल संचालित किए जा रहे थे। इन चैनलों के माध्यम से कथित तौर पर छात्रों और अभिभावकों से परीक्षा के प्रश्न पत्र देने के नाम पर हजारों से लेकर लाखों रुपये की मांग की जा रही थी। इस पर कार्रवाई करते हुए भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) ने बिहार, गुजरात और राजस्थान पुलिस के सहयोग से कई चैनलों, समूहों और बॉट्स के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया है। इसी सिलसिले में अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच ने एक अंतरराज्यीय साइबर धोखाधड़ी गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिसमें 8 टेलीग्राम चैनल, लगभग 1.5 करोड़ रुपये के लेनदेन और करीब 1,000 मोबाइल नंबर प्रकाश में आए हैं।

आम उपभोक्ताओं को असुविधा और आधिकारिक सलाह

एजेंसी ने स्वीकार किया है कि टेलीग्राम पर लगाए गए इस प्रतिबंध से आम उपयोगकर्ताओं को कुछ असुविधा हो सकती है, लेकिन यह प्रतिबंध केवल 22 जून तक ही सीमित है। वहीं, मैसेज एडिट फीचर के बंद होने से सामान्य चैटिंग और संदेशों के आदान-प्रदान पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। एनटीए ने परीक्षार्थियों और अभिभावकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही किसी भी अपुष्ट या भ्रामक जानकारी पर भरोसा न करें। परीक्षा से जुड़ी हर प्रामाणिक जानकारी के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट neet.nta.nic.in और एनटीए के आधिकारिक हैंडल का ही उपयोग करें।

नीट यूजी री-एग्जाम के समय और नियमों में अहम बदलाव

इस वर्ष पेपर लीक के कारण रद्द हुई नीट यूजी 2026 की परीक्षा अब 21 जून को नए बदलावों के साथ आयोजित होने जा रही है। एनटीए द्वारा जारी नए नोटिस के अनुसार, परीक्षा की अवधि को अब 180 मिनट (3 घंटे) से बढ़ाकर 195 मिनट (3 घंटे 15 मिनट) कर दिया गया है। इसके साथ ही, छात्रों की सहूलियत के लिए उत्तर पुस्तिका (आंसर शीट) में रफ काम करने के लिए निर्धारित जगह को भी पहले से बढ़ा दिया गया है।

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