यूपी-ख़बरें : बॉयफ्रेंड के कहने पर पत्नी ने की पति की हत्या; शाहजहांपुर में ₹20 पकड़ने में बस से गिरा युवक, मौत; आगरा में 250 साल पुरानी मजार दूसरी जगह शिफ्ट *DFGH* #984

मंगलवार को कानपुर के फीलखाना में एक महिला ने कथित तौर पर अपने बॉयफ्रेंड के उकसावे पर पति मनीष गुप्ता की चाकू मारकर हत्या कर दी, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं, शाहजहांपुर के पुवायां क्षेत्र में रोडवेज बस से ₹20 का नोट खिड़की से बाहर उड़ने पर उसे पकड़ने के लिए कूदा युवक सतीश पिछले पहिए के नीचे आकर कुचल गया, जिसकी बरेली के अस्पताल में मौत हो गई। उधर आगरा में यातायात बाधित करने वाली करीब 250 साल पुरानी मजार को प्रशासन ने शांतिपूर्ण ढंग से 60-70 फीट दूर दरगाह परिसर में शिफ्ट करा दिया। वहीं, मामले को सोशल मीडिया पर अलग रंग देने की कोशिश की जा रही है।


1. बॉयफ्रेंड के कहने पर पत्नी ने की पति की हत्या, कानपुर के फीलखाना की घटना

प्रेमी के उकसावे पर पेट में घोपा चाकू

उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित फीलखाना थाना क्षेत्र के बालाजी धाम में एक महिला द्वारा अपने पति की चाकू मारकर हत्या करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस पूछताछ में आरोपी महिला निहारिका कश्यप ने अपने पति मनीष गुप्ता (45) पर चाकू से हमला करने की बात स्वीकार कर ली है। मनीष के पिता रामकिशोर गुप्ता के अनुसार, 5 जून की दोपहर करीब एक बजे निहारिका फोन पर अपने बॉयफ्रेंड से बात कर रही थी। मनीष द्वारा विरोध करने पर दोनों में कहासुनी शुरू हो गई। इस दौरान निहारिका के बॉयफ्रेंड ने फोन पर ही मनीष का "काम तमाम" करने के लिए उकसाया, जिसके बाद निहारिका ने सब्जी काटने वाले चाकू से मनीष के पेट पर कई वार कर दिए।


इलाज के दौरान अस्पताल में तोड़ा दम

घटना के समय चीख-पुकार सुनकर पहुंचे परिजनों ने घायल मनीष को तुरंत बिरहाना रोड स्थित केपीएम अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से डॉक्टरों ने उसे हैलट अस्पताल रेफर कर दिया। हैलट में इलाज के दौरान 11 दिन बाद मंगलवार सुबह मनीष की मौत हो गई। मनीष किराना बाजार में ब्रोकर का काम करता था और वर्तमान में रामगंज में कपूर का कारोबार संभाल रहा था। दोनों की शादी 30 जून, 2017 को हुई थी और उनका एक 6 साल का बेटा रियांश है।

फेसबुक के जरिए जम्मू के युवक से हुआ था अफेयर

मनीष के पिता ने दावा किया कि करीब 3 साल पहले निहारिका की फेसबुक के जरिए जम्मू के रहने वाले अंग्रेज नाम के युवक से मुलाकात हुई थी, जिसके बाद दोनों में फोन पर लंबी बातचीत होने लगी। बेटे रियांश ने भी एक बार अपनी मां को बॉयफ्रेंड से बात करते देखा था। इससे पहले करीब डेढ़ साल पहले निहारिका ने महिला थाने में ससुरालवालों पर दहेज उत्पीड़न की शिकायत भी दर्ज कराई थी, जिसमें बाद में सुलह-समझौता हो गया था। फीलखाना थाना प्रभारी अभय प्रताप सिंह ने बताया कि ससुर की शिकायत पर पहले जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसे मनीष की मौत के बाद हत्या की धाराओं में तब्दील कर दिया गया है। आरोपी पत्नी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

2. शाहजहांपुर में ₹20 के उड़ते नोट को पकड़ने के चक्कर में बस से कूदा युवक, पहिए के नीचे आकर गंवाई जान

कंडक्टर के हाथ से छूटकर उड़ा था नोट

शाहजहांपुर जिले के पुवायां थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह करीब 9 बजे एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहां बंडा थाना क्षेत्र के लुहीचिया गांव का रहने वाला सतीश (30) शाहजहांपुर डिपो की रोडवेज बस से बंडा से शाहजहांपुर जा रहा था। महिला कंडक्टर सायरा बानो के अनुसार, सतीश का किराया 30 रुपये था और उसने 50 रुपये का नोट दिया था। फुटकर पैसे न होने के कारण कंडक्टर ने थोड़ी देर बाद पैसे ले जाने को कहा। करीब 15 मिनट बाद जब कंडक्टर ने उसे 20 रुपये का नोट वापस किया, तो वह अचानक खिड़की से बाहर उड़ गया।

पिछले पहिए के नीचे कुचला दाहिना हाथ और कंधा

नोट के उड़ते ही सतीश उसे पकड़ने के लिए चलती बस के दरवाजे से नीचे कूद गया। नीचे गिरते ही उसका कंधा और दाहिना हाथ बस के पिछले पहिए के नीचे आ गया, जिससे उसका हाथ बुरी तरह कुचल गया। ड्राइवर हरजीत सिंह ने कंडक्टर की आवाज सुनकर तुरंत ब्रेक लगाया। राहगीरों और पुलिस की मदद से घायल सतीश को पुवायां सीएचसी ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। पुवायां थाना प्रभारी आरके रावत के मुताबिक, बरेली के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान सतीश की मौत हो गई।

कोर्ट की पेशी पर जा रहा था मृतक

मृतक के भाई विजय ने बताया कि सतीश मेहनत-मजदूरी करता था और उसकी शादी 3 साल पहले प्रियंका से हुई थी। कुछ समय पूर्व गांव के कुछ दबंगों से हुए विवाद और मारपीट के मामले में दर्ज मुकदमे की तारीख पर सतीश शाहजहांपुर कोर्ट जा रहा था। पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराया है।

3. आगरा में सड़क हादसों का कारण बनी 250 साल पुरानी मजार प्रशासन ने की शिफ्ट

कोर्ट में याचिका के बाद हुई प्रशासनिक कार्रवाई

आगरा कॉलेज के सामने एमजी रोड पर बीच सड़क पर स्थित एक करीब 250 साल पुरानी मजार को मंगलवार को प्रशासन ने बुलडोजर की मदद से हटवा दिया। आगरा के योगी यूथ ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष कुंवर अजय तोमर ने 19 जनवरी, 2026 को अपर सिविल जज (सीनियर डिवीजन) की कोर्ट में याचिका दायर कर सड़क के बीच स्थित दो मजारों को हटाने की मांग की थी। याचिका में दावा किया गया था कि मजार के कारण सड़क पर अक्सर जाम लगता है और कई हादसे हो चुके हैं। कोर्ट ने इस पर जिलाधिकारी, नगर निगम के नगर आयुक्त और पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता से जवाब तलब किया था।

तीन सदस्यीय समिति की जांच और सर्वसम्मति से फैसला

मामले की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय समिति की रिपोर्ट में सामने आया कि सड़क की एक मजार से यातायात प्रभावित हो रहा था, जबकि दूसरी मजार से कोई समस्या नहीं थी। एडीसीपी क्राइम हिमांशु गौरव के अनुसार, मजार के मुतवल्ली, स्थानीय पार्षद, पीडब्ल्यूडी और संबंधित अधिकारियों के साथ बैठकों के बाद सभी पक्षों की सहमति से मजार को 60 से 70 फीट दूर स्थित एक दरगाह परिसर में शिफ्ट करने का निर्णय लिया गया। मंगलवार को चार थानों की पुलिस फोर्स की मौजूदगी में करीब आधे घंटे की शांतिपूर्ण कार्रवाई के तहत मजार को शिफ्ट कर सड़क को साफ कराया गया।

इतिहास और कार्रवाई पर प्रतिक्रियाएं

इतिहासकार राजकिशोर राजे के अनुसार, यह मजार मुगल काल की है और स्थानीय मान्यताओं के मुताबिक औरंगजेब के धार्मिक गुरु की है। इस कार्रवाई पर बसपा पार्षद सोहेल कुरेशी ने आपत्ति जताते हुए कहा कि मजार को इस तरह दूसरी जगह नहीं ले जाया जा सकता और प्रशासन को अन्य विकल्पों पर विचार करना चाहिए था। वहीं, स्थानीय निवासी ओमप्रकाश ने इस फैसले को जनहित में बताते हुए कहा कि इससे सड़क हादसे रुकेंगे और यातायात व्यवस्था में सुधार होगा।

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